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फरीदाबाद में 20 वर्षीय युवक को हार्ट अटैक, समय पर इलाज से बची जान July 21, 2026

फरीदाबाद में 20 वर्षीय युवक को हार्ट अटैक, समय पर इलाज से बची जान

  • 20 साल की उम्र में आया गंभीर हार्ट अटैक,
  • एसएसबी अस्पताल की टीम ने किया सफल उपचार,
  • ‘विडो मेकर’ धमनी ब्लॉक होने पर डॉक्टरों ने बचाई युवक की जान,
  • हार्ट अटैक अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं,  
  • युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा, डॉ. एस. एस. बंसल ने दी अहम चेतावनी,
  • सीने में दर्द को न करें नजरअंदाज,
  • धूम्रपान, तनाव और खराब जीवनशैली बढ़ा रहे हार्ट अटैक का खतरा,

फरीदाबाद। कम उम्र में हृदय रोग के बढ़ते मामलों के बीच फरीदाबाद के एसएसबी हार्ट एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में एक 20 वर्षीय युवक का गंभीर हार्ट अटैक का सफल उपचार किया गया। अस्पताल के अनुसार मरीज को देर रात सीने में तेज दर्द, अत्यधिक पसीना और दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत के बाद आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। समय पर जांच और उपचार मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी। इस घटना के बाद एसएसबी हेल्थकेयर के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. एस. एस. बंसल ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों को लेकर जागरूक रहने की अपील की।

देर रात बिगड़ी तबीयत, इमरजेंसी में पहुंचा मरीज

अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार युवक को रात करीब डेढ़ बजे अचानक सीने में तेज दर्द, अधिक पसीना आने और धड़कन तेज होने की शिकायत हुई। परिजन उसे तत्काल एसएसबी हार्ट एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के Emergency विभाग में लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच और ECG के बाद मरीज में Acute Anterior Wall Myocardial Infarction की पुष्टि की, जो हार्ट अटैक का गंभीर प्रकार माना जाता है।

मुख्य धमनी पूरी तरह थी ब्लॉक

आपातकालीन Coronary Angiography के दौरान पता चला कि हृदय की प्रमुख धमनियों में से एक Left Anterior Descending Artery (LAD) पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी थी। चिकित्सा जगत में इसे सामान्य रूप से “विडो मेकर” धमनी भी कहा जाता है, क्योंकि इसके बंद होने से हृदय के बड़े हिस्से में रक्त की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

अस्पताल के अनुसार इस ब्लॉकेज के कारण मरीज के हृदय की पंपिंग क्षमता लगभग 40 प्रतिशत तक रह गई थी, जो हृदय की मांसपेशियों को गंभीर नुकसान का संकेत था।

एक घंटे के भीतर हुई एंजियोप्लास्टी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्डियक विशेषज्ञों ने मरीज के अस्पताल पहुंचने के लगभग एक घंटे के भीतर Primary Angioplasty और Stenting की प्रक्रिया पूरी की। विशेष कैथेटर तकनीक की सहायता से दवा-युक्त आधुनिक Drug Eluting Stent लगाया गया, जिससे अवरुद्ध धमनी में रक्त प्रवाह सामान्य हो गया।

अस्पताल का कहना है कि उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होने के कारण मरीज की स्थिति तेजी से सुधरी और स्वास्थ्य स्थिर होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

युवाओं में हार्ट अटैक बढ़ने पर विशेषज्ञों की चिंता

एसएसबी हेल्थकेयर के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. एस. एस. बंसल ने कहा कि 20 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक का मामला पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि अक्सर युवा सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना या बेचैनी जैसे शुरुआती संकेतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही लक्षण गंभीर हृदय रोग की शुरुआत हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक के दौरान हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि समय पर उपचार नहीं मिले तो हृदय की मांसपेशियों को स्थायी नुकसान, Heart Failure अथवा मृत्यु तक का खतरा बढ़ सकता है।

किन कारणों से बढ़ रहा है जोखिम

डॉ. बंसल के अनुसार युवाओं में हृदय रोग के बढ़ते मामलों के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इनमें धूम्रपान, Vaping, तंबाकू का सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, अधिक वसा और Processed Food का अत्यधिक सेवन, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, लगातार मानसिक तनाव, पर्याप्त नींद का अभाव तथा पारिवारिक या आनुवंशिक कारण शामिल हैं।

उन्होंने लोगों से संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी।

एलपी(ए) जांच पर दिया जोर

डॉ. एस. एस. बंसल ने बताया कि Lipoprotein(a) यानी Lp(a) नामक रक्त जांच युवाओं में छिपे हुए हृदय जोखिम का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास रहा है या किसी सदस्य को समय से पहले हार्ट अटैक हुआ है, उन्हें अपने Cardiologist से इस जांच के बारे में सलाह लेनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य कोलेस्ट्रॉल की तुलना में Lp(a) का स्तर मुख्य रूप से आनुवंशिक कारणों से प्रभावित होता है। इसलिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले कुछ लोगों में भी हृदय रोग का खतरा बना रह सकता है।

सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी भी हो सकती है उपयोगी

डॉ. बंसल ने बताया कि मरीज के जोखिम स्तर को देखते हुए चिकित्सक CT Coronary Angiography की सलाह भी दे सकते हैं। यह एक विशेष प्रकार की जांच है, जिसमें लगभग 15 मिनट के भीतर हृदय की धमनियों की विस्तृत तस्वीर प्राप्त की जा सकती है। इससे शुरुआती चरण में संकीर्णता या ब्लॉकेज का पता लगाने में मदद मिलती है।

समय पर अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक की स्थिति में समय पर उचित अस्पताल पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण होता है। एसएसबी अस्पताल के अनुसार यहां 24 घंटे Cardiac EmergencyCath LabAngioplasty और Stenting जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे किसी भी समय आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार दिया जा सकता है।

डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को अचानक सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक पसीना, बेचैनी या हाथ, गर्दन अथवा जबड़े में दर्द महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें।

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